नरहिया में सजेगा साहित्य का मंच,सागर राति दीप जरय’ मंच पर जुटेंगे विद्वान

राष्ट्रिय

थानाध्यक्ष निलेश कुमार के मार्गदर्शन में चौकीदार सह कवि उमेश पासवान की तीन पुस्तकों का लोकार्पण

लौकही! लौकही प्रखंड अंतर्गत नरहिया में 28 मार्च 2026 को साहित्य प्रेमियों के लिए एक विशेष आयोजन होने जा रहा है। इस अवसर पर कवि सह चौकीदार उमेश पासवान द्वारा रचित मैथिली भाषा की तीन महत्वपूर्ण कृतियों “मुजरिम”, “उपराग” और “वर्णित रस” का विधिवत लोकार्पण किया जाएगा। कार्यक्रम के साथ ही “सागर राति दीप जरय” मंच के तत्वावधान में एक भव्य कथा गोष्ठी का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के साहित्यकार, विद्वान एवं बुद्धिजीवी शामिल होकर साहित्यिक विमर्श करेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह कथा गोष्ठी एक नियमित साहित्यिक आयोजन है, जिसका आयोजन प्रत्येक तीन माह के अंतराल पर किया जाता है। इस प्रकार वर्ष में चार बार साहित्यकारों और पाठकों के बीच विचारों के आदान-प्रदान का यह मंच तैयार किया जाता है। कार्यक्रम की शुरुआत संध्या 6 बजे दीप प्रज्वलन के साथ होगी। इसके बाद कथा-पाठ, साहित्यिक चर्चा और विचार-विमर्श का सिलसिला शुरू होगा, जो रात भर चलता हुआ अगले दिन प्रातः सूर्योदय तक जारी रहेगा। आयोजकों का मानना है कि यह आयोजन मैथिली साहित्य और स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। बताया गया कि इस कार्यक्रम का आयोजन नरहिया थानाध्यक्ष निलेश कुमार के मार्गदर्शन में किया जा रहा है, जबकि इसके संयोजक कवि सह चौकीदार उमेश पासवान हैं। बता दे की उमेश पासवान समकालीन मैथिली साहित्य के एक सक्रिय और सशक्त रचनाकार माने जाते हैं। उनका जन्म 13 अक्टूबर 1984 को मधुबनी जिले के लौकही प्रखंड अंतर्गत औरहा गांव में हुआ। ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े होने के कारण उनके लेखन में समाज की वास्तविकताओं, मानवीय संवेदनाओं तथा संघर्ष की गहरी छाप देखने को मिलती है। वे पुलिस विभाग में सेवा देते हुए भी वर्ष 2003 से निरंतर साहित्य साधना में संलग्न हैं। कविता और कथा के माध्यम से वे समाज के विभिन्न पहलुओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करते हैं। इसके साथ ही वे “आस्था निःशुल्क शिक्षण संस्थान” के संस्थापक भी हैं, जिसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रसार और जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उनकी साहित्यिक एवं सामाजिक सेवाओं के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। वर्ष 2013 में उन्हें महेंद्र सिंह “महेश” ग्रंथ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वर्ष 2018 में उन्हें साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार तथा कल्याण पथ युवा सम्मान प्राप्त हुआ। वहीं वर्ष 2019 में उत्कृष्ट सेवा के लिए पुलिस महानिदेशक, बिहार (पटना) द्वारा उन्हें सूरवीर सम्मान प्रदान किया गया। इसी वर्ष उन्हें न्यूज़-18 पॉपुलर बेस्ट अवार्ड से भी नवाजा गया। उनकी प्रमुख प्रकाशित कृतियों में “वर्णित रस” (मैथिली कविता संग्रह, 2012), “चन्द्रमणि” (हिंदी कविता संग्रह, 2016), “उपराग” (मैथिली कविता संग्रह, 2026) तथा हाल ही में प्रकाशित “मुजरिम” (मैथिली कहानी संग्रह, 2026) शामिल हैं। इन कृतियों के माध्यम से उन्होंने मैथिली साहित्य जगत में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है।

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