भागवताचार्य राजकुमार महाराज ने व्यास पीठ से मां-बाप की सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताया

अछनेरा- फतेहपुर सीकरी । कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर कस्बा की बड़ी बगीची पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा दूसरे दिन व्यास पीठ से कथा सुनाते हुए प्रख्यात भागवत आचार्य राजकुमार महाराज ने कथा सुनाते हुए कहां की भगवान भाव के भूखे हैं , इसलिए जब भी समय मिले भगवान का ध्यान अवश्य करें । आगे उन्होंने व्यास गद्दी से महिला पुरुष भागवत प्रेमियों को कथा सुनाते हुए कहा कि मां-बाप की सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं अपने बुजुर्ग मां बाप की सेवा जरूर करें , इससे भगवान भी प्रसन्न होते हैं साथ ही अपने बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार भी दे जिससे कि वह अपने बड़ों का आदर करें । संगीत में कथा के दौरान पंडाल में भक्ति के रहे प्रसाद वितरण के बाद भागवत कथा का समापन हुआ । भागवत कथा की व्यवस्थाएं एसडी मॉडर्न के राजवीर सिंह,,अनुज मित्तल ,हरि ओम मंगल ,अजीत अग्रवाल, ब्रज किशोर सिंघल , अशोक बंसल ,,डॉ केदार गर्ग ,अजय सिंघल , पप्पू ओलेंडा आदि का भागवत कथा के दौरान विशेष सहयोग रहा ।
