देहरादून में सेवा की मिसाल: रक्तदान शिविर में उमड़ा मानवता का सैलाब

उत्तराखंड राज्य

राजधानी देहरादून में मानवीय संवेदनाओं और सेवा भाव का एक अनुपम उदाहरण देखने को मिला। सामाजिक सरोकारों के प्रति सदैव समर्पित ‘युवा सेवा दल’ द्वारा आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर ने समाज के सम्मुख परोपकार की एक नई मिसाल पेश की है। इस पुनीत अनुष्ठान का विधिवत शुभारंभ वरिष्ठ नेता सूर्यकांत धस्माना द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सूर्यकांत धस्माना ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए रक्तदान की महिमा का बखान किया। उन्होंने अत्यंत मार्मिक शब्दों में कहा कि भारतीय संस्कृति में कन्यादान और गौदान को सर्वोच्च स्थान दिया गया है, परंतु रक्तदान की महत्ता इनसे रत्ती भर भी कम नहीं है। उन्होंने इसे ‘महादान’ की संज्ञा देते हुए स्पष्ट किया कि आपका थोड़ा सा रक्त किसी मरणासन्न व्यक्ति के लिए जीवनदान बन सकता है। धस्माना ने युवा सेवा दल की ऊर्जा की सराहना करते हुए इसे सामाजिक परिवर्तन का वाहक बताया।

इस गरिमामयी कार्यक्रम की अध्यक्षता देहरादून के पूर्व मेयर सुनील उनियाल गामा ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण में समाजसेवी संस्थाओं की भूमिका को रेखांकित किया। गामा ने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल रक्त की कमी दूर होती है, बल्कि समाज में एकजुटता का संचार भी होता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस पावन कार्य में बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें ताकि मानवता की रक्षा का यह संकल्प अनवरत जारी रहे।

शिविर की सफलता में संस्था के पदाधिकारियों और शहर के गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई। सेवा के इस संगम में संस्था के अध्यक्ष संजीव मिनोचा के नेतृत्व में अमीचंद सोनकर, नितिन माटा, आदित्य नय्यर, और अनुज दत्त शर्मा सहित अनेक स्वयंसेवकों ने अपनी ऊर्जा का योगदान दिया। शिविर में बड़ी संख्या में रक्तदाताओं ने उत्साह के साथ प्रतिभाग कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को निभाया।

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