अयोध्या।नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ के बाद अयोध्या धाम और अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।पब्लिक एड्रेस सिस्टम से श्रद्धालुओं को जागरूक किया जा रहा है।श्रद्धालुओं के आने और जाने के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकासी गेट बनाए गए हैं।जीआरपी और आरपीएफ के जवान तैनात हैं।स्टेशन के प्लेटफार्म पर उन्हीं श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जा रहा है,जिनकी ट्रेन आने वाली हो।
आरपीएफ इंचार्ज आशुतोष कुमार के मुताबिक 300 आरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया है।कोई भी व्यक्ति सामान्य रूप से सीधे स्टेशन के अंदर प्रवेश नहीं कर सकता है। रामपथ के रास्ते से होकर आने वाले यात्रियों को पहले बैरियर के माध्यम से होल्डिंग एरिया तक भेजा जा रहा है। इसके बाद कुछ ओपन एरिया को भी रखा गया है। उसी स्थान पर यात्रियों को टिकट प्राप्त करने की व्यवस्था भी बनाई गई है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर श्रद्धालुओं ने भी आरपीएफ और जीआरपी के जवानों की तारीफ की और कहा है कि सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम हैं।बता दें कि प्रयागराज में चल रहे विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाने के बाद भारी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं।
महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालुओं की भारी भीड़ काशी पहुंच रही है।हाल ये है कि काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को लंबी लाइन में लगना पड़ रहा है।श्रद्धालु 5-6 घंटे तक बाबा विश्वनाथ का दर्शनों के लिए इंतजार कर रहे हैं।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर 4 से लेकर मैदागिन और नंदी चौक तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है।श्रद्धालु लाइन में अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। कई श्रद्धालु तो रात 1 बजे तक बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने के लिए लाइन में खड़े दिखाई देते हैं।
मंदिर प्रशासन की ओर से जो आंकड़े सामने आए हैं,उसके मुताबिक 13 फरवरी को 8 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन किए हैं।रोजाना लगभग 6 लाख श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ का दर्शन कर रहे हैं।हालांकि श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए तमाम इंतजाम किए गए हैं, जिसकी श्रद्धालुओं द्वारा भी तारीफ की जा रही है।