थाना बिसरख पुलिस द्वारा लाइफ इंश्योरेंस के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों से साथ साइबर ठगी करने वाला एक शातिर अभियुक्त गिरफ्तार, कब्जे से साइबर ठगी करने में प्रयुक्त मोबाइल फोन, डिजीटल पैमेंट क्यू आर कोड, लैपटॉप व बायो मैट्रिक मशीन आदि सामान बरामद
थाना बिसरख पुलिस को गोपनीय सूचना प्राप्त हुई थी कि अभियुक्त अमित पुत्र ओमप्रकाश साइबर कैफे की आड में एचडीएफसी फाइनेंस बैक के पॉलिसी धारको का डाटा ऑनलाइन डाउनलोड करके उनके पॉलिसी नम्बर के सामने अंकित फोन नंबरो पर की-पैड वाले मोबाइल फोन में सिम बदल-बदलकर फोन करके उनसे अपनी पॉलिसी का नवीनीकरण (रिन्यूअल)/बंद कराने के लिए फोन करता है और उनके साथ धोखाधडी करके अपने बैक खातो में फोन-पे द्वारा पैसा ट्रांसफर कराकर अवैध लाभ कमाता है। इसके पास एसएमसी कम्पनी का कोई रजिस्ट्रेशन व फ्रेन्चाइजी नही है। इस सम्बन्ध में थाना बिसरख पर अभियुक्त के विरूद्ध मु0अ0सं0-0764/24 धारा 318(4), 336(2), 336(3), 338, 340(2) बीएनएस पंजीकृत किया गया है।
कार्यवाही का संक्षिप्त विवरणः
दिनांक 15.10.2024 को थाना बिसरख पुलिस द्वारा लाइफ इंश्योरेंस के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों से साथ साइबर ठगी करने वाला एक शातिर अभियुक्त अमित पुत्र ओमप्रकाश शर्मा को थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त के कब्जे से फर्जी एचडीएफसी फाइनेंस कम्पनी के पॉलिसी होल्डरो का डाटा, मोबाइल फोन, नोटबुक, बिलबुक, फोन-पे क्यूआर कोड, फोन-पे कार्ड स्वाइप मशीन, बायोमेट्रिम मशीन, एक स्टाम्प मोहर (दीप साइबर कैफे), स्टेशनरी, पेन ड्राइव, अभियुक्त के अलग-अलग पतो के पैनकार्ड व आधार कार्ड, इण्डियन इनकम टैक्स रिटर्न एकनोलेजमेंट फार्म, जीएसटी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, एग्रीमेन्ट सैल लेटर, शपथ पत्र की छायाप्रति, अभियुक्त द्वारा अपने लैपटॉप में ऑनलाइन एडिट कर तैयार किये चैक व आईडी कार्ड एवं विभिन्न लोगो के आधार कार्ड बरामद किये गये है।
अपराध करने का तरीकाः
1-अभियुक्त शातिर किस्म का व्यक्ति है। यह 10वी कक्षा तक पढ़ा है, जो 02 साल पहले एसएमसी इंश्योरेंस कम्पनी सेक्टर-2 नोएडा मे टीएसओ पद पर नौकरी करता था। कम्पनी में पॉलिसी एवं इन्श्योरेंस का काम होता था उसी समय अभियुक्त ने कम्पनी से पॉलिसी धारको के पॉलिसी डाटा को प्रिन्ट डाउनलोड करके इकट्ठा करना शुरु कर दिया और पॉलिसी धारको को उनके पॉलिसी में अंकित फोन नम्बरो पर सम्पर्क करता था तथा पॉलिसी होल्डर को अपनी कम्पनी की आईडी दिखाकर अपनी बन्द पॉलिसी को रिन्यूअल के लिए ऑनलाइन फोन-पे के माध्यम से खाते में पैसा प्राप्त करता था।
2-कम्पनी से 2 साल पहले नौकरी छोडकर कम्पनी से काफी मात्रा में 5 साल पुरानी पॉलिसी होल्डर का डाटा एकत्र कर अपना स्वयं का दीप साइबर कैफे एवं स्टेशनरी के नाम से एपीएस गोल्ड बिल्डिंग में दुकान किराये पर लेकर दुकान में 02 कम्प्यूटर और एक लैपटॉप, एन्ड्रायड मोबाइल व की-पैड मोबाइलो को खरीदकर अपने साइबर कैफे का काम शुरू कर दिया।
3-5 साल पुरानी पॉलिसी होल्डर का डाटा को अभियुक्त के द्वारा कम्पनी से छिपाकर लाया गया था और उन्ही पॉलिसी होल्डर को फोन करता था जिनकी पॉलिसी 5 साल पुरानी होती थी और लेप्स हो जाती थी। उन्ही पॉलिसी धारको से की-पैड फोन पर अलग-अलग फोन में सिम का प्रयोग करके वार्ता कर अपनी पॉलिसी रिन्यूअल कराने के लिए बोलता था।
4-जब पॉलिसी धारक अभियुक्त की आईडी प्रूफ मांगते थे तो अभियुक्त पहले से ही गूगल से एचडीएफसी लाइफ के कर्मचारियो की आईडी डाउनलोड कर दिखाता था।
5-कम्पनी के मैनेजर एवं अन्य कर्मचारियो के आईडी प्रूफ भेजकर कस्टमर को सन्तुष्ट करके 10 प्रतिशत कमीशन का लाभ बताकर अपने एचडीएफसी के बैंक खाता, यूपीआई व मोबाइल के द्वारा पॉलिसी धारको से पैसे डलवाकर उनके पॉलिसी डाटा में अपने लैपट़ॉप पर एडिट करके पॉलिसी का रिन्यूअल दिखाकर प्रिन्ट भेज देता था।
6-जिन पॉलिसी धारको की पॉलिसी लेप्स हो जाती थी उनको पॉलिसी बंद कराने तथा रिन्यू कराने के लिए कहता था जो पॉलिसी धारक पॉलिसी बंद कराना चाहते थे तो उनको दूसरे लोगो के चैको को नाम एडिट कर फर्जी हस्ताक्षर एडिट कर पॉलिसी होल्डर को अपने फर्जी ईमेल आईडी से ई-मेल/वाहट्सएप के माध्यम से भुगतान के लिए भेज देता था और जो पॉलिसी धारक अपनी पॉलिसी रिन्यू कराना चाहते थे उनसे प्रीमियम ले लेता था।
7-अपने बैंक खातो और आईडी में अपने पते पहले ही बदलकर लोगो के साथ ठगी करता था। अभियुक्त ने गूगल से एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस के कर्मचारी रवि शर्मा की आईडी डाउनलोड की थी और उसी आईडी का इस्तेमाल करता था।
8-अभियुक्त सभी ग्राहको को अपना नाम रवि शर्मा बताता था और कहता था कि मैं एचडीएफसी फाइनेंस कम्पनी से कर्मचारी बोल रहा हूँ और उन्हे अपने जाल में फंसाकर उनसे अवैध रूप से फोन-पे के माध्यम से अलग-अलग खातो में पैसा प्राप्त करता था। अपने इस धोखाधडी के काम को अन्य किसी से शेयर नही करता था ।
9-अभियुक्त के पास 19,260 पॉलिसी होल्डर का डाटा है जिनमें से 13,455 पॉलिसी होल्डर से वार्ता कर चुका है।
10-अभियुक्त के खाता संख्या को साइबर पोर्टल पर चैक करने पर इसके विरूद्ध जिला वडोदरा गुजरात में साइबर कम्पलेन दर्ज है।
