नशा मुक्ति का अर्थ है नशे की लत से छुटकारा पाना और एक स्वस्थ, खुशहाल जीवन की ओर बढ़ना – प्राचार्य प्रो0 अरविन्द कुमार सिंह

* 50 छात्र-छात्राओं में प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
सूरज गुप्ता
शोहरतगढ़़/सिद्धार्थनगर।
स्थानीय शिवपति स्नातकोत्तर महाविद्यालय में युवा कार्यक्रम विभाग, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार तथा शिवपति स्नातकोत्तर महाविद्यालय शोहरतगढ़ सिद्धार्थनगर के संयुक्त तत्वावधान में एक कार्यशाला का आयोजन महाविद्यालय के लोअर हाल में “नशा मुक्ति और मादक द्रव्यों के सेवन पर शिक्षा और जागरूकता” विषय पर किया गया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के 50 छात्र- छात्राओं ने प्रतिभाग किया, जिन्हें प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती की पूजा-वन्दना के साथ की गयीं ।कार्यक्रम के मुख्य वक्ताओं में जिला युवा अधिकारी अनुराग यादव, नशा मुक्ति उपचार केन्द्र सिद्धार्थनगर से डॉक्टर चन्द्र प्रकाश एवं अमित कुमार एवं शोहरतगढ़ एनवायरमेंटल सोसायटी से कलाकान्त उपाध्याय थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर अरविन्द कुमार सिंह ने किया। प्रो0 अरविन्द कुमार सिंह ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि नशा मुक्ति का अर्थ है नशे की लत से छुटकारा पाना और एक स्वस्थ, खुशहाल जीवन की ओर बढ़ना। नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि उसके परिवार और समाज पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। मादक पेय पदार्थ से मुक्ति शिक्षा एवं जागरूकता से ही सम्भव है। जिला युवा अधिकारी ने युवाओं में नशा सम्बन्धी समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि युवा भारत का कर्णधार है, यदि युवा नशा जैसे विकार में फंसता है तो भारत का विकास बाधित होगा। इसी कार्यक्रम में नशा मुक्ति कार्यशाला का प्रमाण पत्र भी 50 छात्र-छात्राओं को वितरित किया गया। कार्यक्रम का संचालन अर्थशास्त्र विभाग के प्रभारी डॉ0 ए0के0 सिंह ने किया एवं कार्यक्रम के संयोजक राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ0 राम किशोर सिंह थे। उक्त कार्यक्रम में महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ0 धर्मेन्द्र सिंह, डॉ0 अजय कुमार सिंह, डॉ0 विनोद कुमार सिंह, डॉ0 प्रवीण कुमार, अश्विनी, प्रतीक, विनोद तथा राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक अजय कुमार गुप्ता, सनूप कुमार आदि लोग मौजूद रहें।
