जनपद के विभिन्न होटल, पव, रेस्टोरेन्ट, बार एवं अन्य स्थानों में होने वाले कॉमेडी शो के लिए सक्षम प्राधिकारी(जिलाधिकारी) लेनी होगी अनुमति

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जनपद के विभिन्न होटल, पव, रेस्टोरेन्ट, बार एवं अन्य स्थानों में होने वाले कॉमेडी शो के लिए सक्षम प्राधिकारी(जिलाधिकारी) लेनी होगी अनुमति

गौतम बुद्ध नगर : जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर मनीष कुमार वर्मा के निर्देशों के क्रम में जिला मनोरंजन कर अधिकारी गौतम बुद्ध नगर ने जनपद के समस्त होटल, पव, रेस्टोरेन्ट, बार एवं कॉमेडी शो संचालकों को बताया कि जनपद में कॉमेडी शो विभिन्न होटल, पव, रेस्टोरेंट, बार एवं अन्य स्थानों में होते हैं, जिसकी अनुमति सक्षम प्राधिकारी से आवश्यक है। इसके अतिरिक्त मनोरंजन की परिभाषा से आच्छादित विभिन्न कार्यक्रमों की अनुमति भी सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त करके ही की जाये, परन्तु ऐसे कार्यक्रम, जिससे शिष्टता या नैतिकता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता हो, की अनुमति प्रदान नहीं की जाती है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश चलचित्र (विनियमन) (संशोधित) अधिनियम, 2017 की धारा-2 (क-2) के अन्तर्गत मनोरंजन में कोई प्रदर्शन, प्रस्तुतीकरण, आमोद, खेल, क्रीड़ा (घुड़ दौड सहित) आदि सम्मिलित है अर्थात इसमें कॉमेडी शो, मिमिक्री शो, जादू, म्यूजिकल कार्यक्रम, मेला/ प्रदर्शनी/झूले/सर्कस, गेम, वाटर पार्क, एम्यूजमेन्ट पार्क, कवि सम्मेलन, मुशायरा, विभिन्न खेल एवं प्रतियोगितायें आदि आते हैं, जिनकी अनुमति सक्षम प्राधिकारी (जिलाधिकारी) से प्राप्त करना अनिवार्य है। उक्त अधिनियम की धारा-4 (क) (1) में यह प्राविधान है कि कोई मनोरंजन, जिस पर कर उ‌द्ग्रहणीय हो, चाहें वह कर भुगतान करने के दायित्व से मुक्त हो या न हो, डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति प्राप्त किये बिना आयोजित नहीं किया जायेगा। धारा-4 (क) (2) में अनुमति हेतु विद्युत और अग्नि सुरक्षा, कानून और व्यवस्था, लोक व्यवस्था तथा सुरक्षा की समुचित सावधानी के लिये सहायक निदेशक, विद्युत सुरक्षा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी तथा पुलिस विभाग की अनापत्ति आवश्यक है। धारा-4 (क) (3) में ऐसे मनोरंजन के आयोजन को रोका जा सकता है। यदि यह समाधान हो जाता है कि (क) स्वामी ने कोई मिथ्या सूचना दी है. जिसके परिणामस्वरूप करापवंचन सम्भावित हो। (ख) इस अधिनियम या इसके अधीन बनाये गये किसी उपबंध को भंग किया हो या भंग किया जाना सम्भावित हो। (ग) मनोरंजन आयोजित किये जाने से लोक सुरक्षा, शिष्टता या नैतिकता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता हो। धारा-8 में उक्त अनियमितता/उल्लंघन के लिये सक्षम न्यायालय में अभियोग संस्थित करने का प्रावधान है. जिसमें साधारण कारावास जो छः माह तक बढ़ाया जा सकता या जुर्माना से जिसे 20,000/- रुपए तक या दोनों से दण्डनीय होगा और लगातार उल्लंघन की दशा में 500/-रुपए प्रत्येक दिन तक बढ़ाया जा सकता है। अतः उक्त मनोरंजन की परिभाषा से आच्छादित विभिन्न कार्यकमों का प्रदर्शन/संचालन सक्षम प्राधिकारी (जिलाधिकारी) की अनुमति के बिना न करें, “ध्यान रहे अनुमति प्राप्त आयोजनों में भी ऐसा प्रदर्शन न करें जो शिष्टता व नैतिकता के प्रतिकूल हो, अन्यथा उपरोक्त प्राविधानों के अन्तर्गत नियमानुसार बन्द/सीज करने/सक्षम न्यायालय में अभियोग दायर कराने की आवश्यक कार्यवाही सम्पादित की जा सकती है. जिसके लिये आप स्वयं उत्तरदायी होगे।

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