थाना फेस 2 नोएडा पुलिस द्वारा एनसीआर क्षेत्र में धोखाधड़ी कर एटीएम बदलकर पैसे निकालने वाले अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार, कब्जे से विभिन्न बैंको के 139 एटीएम कार्ड मय 2540 रूपये व घटना में प्रयुक्त मो0सा0 बरामद

नोएडा : थाना फेस 2 पुलिस द्वारा एनसीआर क्षेत्र में धोखाधड़ी कर एटीएम बदलकर पैसे निकालने वाले अभियुक्त राहुल कुमार पुत्र विरेन्द्र सिंह को पुरानी कोर्ट मार्केट में आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम के पास से गिरफ्तार किया गया है। जिसके कब्जे से भिन्न भिन्न बैंको के कुल 139 एटीएम मय 2540 रूपये व घटना में प्रयुक्त मो0सा0 बरामद।
थाना क्षेत्र में लगातार विभिन्न एटीएम से एटीएम कार्ड बदलकर भोले भाले लोगो के साथ धोखाधड़ी की घटना घटित हो रही थी जिसमें टीम गठित करते हुये आसपास के 50 से अधिक सीसीटीवी केमरे चेक किये गये। जिसमें अभियुक्त राहुल कुमार की गिरफ्तारी की गयी।
अभियुक्त राहुल कुमार पुत्र विरेन्द्र सिंह नें बताया कि मै कक्षा 3 तक बिहार में पढा हूँ और वही पर गाडी चलाता था लगभग 2 साल से इस प्रकार की धोखाधड़ी करता था मै नोएडा में हबीबपुर थाना ईकोटेक -3 जनपद गौतमबुद्धनगर में किराये पर रहता हूँ। धोखाधड़ी करके ही अपना जीवन यापन कर रहा हूँ। क्योंकि यहां पर मजदूर और कम्पनी में काम करने वाले लोग अधिक संख्या में है इन मजूदरो/कम्पनी में काम करने वाले लोगो को 01 से 10 तारीख के बीच में जो सैलेरी मिलती है उसी से यह अपना जीवन यापन करते है और हर महीने दैनिक खर्चाे के लिये एटीएम से पैसा निकालते है। मै ऐसे ही लोगो की रेकी करता था और उन्हे अपना निशाना बनाता था तथा ंएटीएम मशीन के पास खड़े होकर उन व्यक्तियो का इन्तजार करता था जो व्यक्ति अकेले आते थे कम पढ़े लिखे होते थे, भोले भाले होते थे, जिन्हे एटीएम कार्ड का इस्तेमाल करना कम आता था। जब ये अपना एटीएम कार्ड से पैसा निकालने के लिये एटीएम मशीन में पिन डालते थे तभी में चुपके से इनका पिन देख लेता था और मदद के बहाने धोखे से उनका एटीएम अपने पास उपलब्ध एटीएम से बदल लेता था। मेरे पास लगभग सभी बैंको के एटीएम थे। मुझे जब भी किसी एटीएम कार्ड की जरूरत होती थी। मैं तत्काल उसी बैंक के एटीएम कार्ड से उसको बदल देता था। ऐसा करने से उस व्य़क्ति को शक भी नही होता था। एटीएम खराब होने या पैसा खत्म हो जाने के बहाना बना देता था जिससे वह व्यक्ति बदले हुये एटीएम कार्ड को अपना असली एटीएम समझकर वहां से चला जाता था। उसके तुरन्त बाद में दूसरे एटीएम जाकर 10-15 हजार रूपये निकाल देता था और उस एटीएम कार्ड को किसी और को धोखा देने के लिये रख लेता था।
