अवैध कार्य करने वालों पर सख्त कार्यवाही के लिए जाने जाते हैं थाना प्रभारी रोहित कुमार एंव टेडी बगिया चौकी इंचार्ज ऋषि कुमार
आगरा में पुलिस ने एक मकान में चल रहे जुए के अड्डे पर छापा मारकर 9 जुआरियों को गिरफ्तार किया है ।मौके पर जुआरियों के कब्जे से ताश की गड्डी,8040 रुपए बरामद हुए है।पुलिस को देख जुआरियों ने भागने की कोशिश की लेकिन मकान में जुआरी चारों तरफ से घिर गए और पकड़े गए।
थाना ट्रांस यमुना पुलिस को गश्त के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि नगला केशरी गली नम्बर 2 में एक मकान के अंदर जुआ खेला जा रहा है ।पुलिस ने इसके बाद छापा मार दिया ।जुआ खेल रहे लोग इधर उधर भागने लगे ।लेकिन पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए 9 जुआरियों को पकड़ लिया ।पकड़े गए जुआरियों से ताश की गड्डी,8040 रुपए बरामद किए हैं ।
*पकड़े गए जुआरी*
चन्द्रवीर सिंह पुत्र छोटे लाल,जितेंद्र पुत्र सुरेश चंद्र,आकाश कुमार पुत्र सुरेंद्र सिंह,सोनू पुत्र जसवंत सिंह,आनंद सागर पुत्र रमेश चन्द्र,चरण सिंह पुत्र राकेश कुमार,भूपेंद्र पुत्र स्व.सुनहरी लाल,राहुल पुत्र अमर सिंह, राजेन्द्र कुमार पुत्र शिवचन्द सभी जुआरी टेडी बगिया थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र के ही निवासी हैं ।
*पुलिस टीम में ये रहे शामिल*
ट्रांस यमुना थाना प्रभारी रोहित कुमार ने बताया कि पुलिस टीम गश्त पर थी ,सूचना पर टेडी बगिया चौकी इंचार्ज ऋषि कुमार,एसआई संदीप कुमार,एसआई हिमांशु तोमर,एसआई विक्रांत यादव शामिल रहे ।पकड़े गए सभी जुआरियों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है ।
*समाज के लिए वरदान है दोनों अधिकारी*
थाना प्रभारी रोहित कुमार और टेडी बगिया चौकी इंचार्ज ऋषि कुमार दोनों ही अपने क्षेत्र में एक मिसाल के रूप में उभरे हैं। उनकी सख्ती और निष्पक्षता ने अवैध कार्य करने वालों में खौफ पैदा कर दिया है,जबकि आम नागरिकों में सुरक्षा और विश्वास की भावना बढ़ा दी है।
रोहित कुमार की नेतृत्व क्षमता और ऋषि कुमार की सूझबूझ ने मिलकर क्षेत्र में एक सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी टीम के साथ मिलकर काम करने की शैली ने उन्हें एक आदर्श पुलिस अधिकारी के रूप में स्थापित किया है।
इन दोनों अधिकारियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हैं और उनका समाधान करने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। इससे लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास और सहयोग बढ़ता है।
इन दोनों अधिकारियों की कार्यशैली और समर्पण को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि वे वास्तव में समाज के लिए एक वरदान हैं।
