10वीं की बोर्ड परीक्षा के दौरान धार्मिक प्रतीक हटवाने का मामला, सिख समाज ने जताया रोष
डीएम के हस्तक्षेप के बाद सभी स्कूलों के लिए जारी हुए निर्देश
जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) का स्पष्ट आदेश: परीक्षा के दौरान धार्मिक प्रतीकों पर रोक नहीं
ग़ाज़ियाबाद :- 17 फ़रवरी को ग़ाज़ियाबाद के एक निजी विद्यालय में 10वीं बोर्ड परीक्षा देने पहुंचे एक अमृतधारी सिख छात्र से कथित रूप से कृपाण उतरवाने का मामला सामने आया है। घटना के विरोध में सिख समाज के प्रतिनिधियों ने ज़िलाधिकारी से मुलाक़ात कर रोष व्यक्त किया।
जानकारी के अनुसार, छात्र जब परीक्षा देने स्कूल पहुँचा तो प्रिंसिपल ने उसे पहले कृपाण उतारने के लिए कहा। छात्र ने बताया कि कृपाण सिख धर्म के पाँच ककारों में से एक है और इसे उतारना धार्मिक आस्था के विरुद्ध है। छात्र के काफी अनुरोध के बावजूद स्कूल प्रशासन ने कृपाण उतरवाने पर ज़ोर दिया। परिजनों और समाज के लोगों का कहना है कि इससे छात्र की धार्मिक भावनाएँ आहत हुईं और उसका अमृत खंडित हो गया। बताया गया कि बच्चे की कृपाण का आकार लगभग 4 इंच था, जो कानून के तहत मान्य है।
मामले की जानकारी मिलने पर आरएलडी नेता इन्द्रजीत सिंह टीटू ने ज़िलाधिकारी से बात की। ज़िलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि आगामी परीक्षाओं में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी।
19 फ़रवरी को गगन सिंह अरोड़ा, कुलदीप सिंह तथा युवा टीम के अन्य सदस्यों ने ज़िलाधिकारी से मुलाक़ात कर पूरी घटना से अवगत कराया। ज़िलाधिकारी ने तुरंत DIOS को फ़ोन कर आवश्यक निर्देश जारी करने के लिए कहा। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने DIOS से भी मुलाक़ात की। बताया गया कि जनपद के सभी विद्यालयों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि भविष्य में किसी भी छात्र को धार्मिक प्रतीकों के कारण परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्कूल प्रशासन ने भी अपनी गलती स्वीकार करते हुए भविष्य में ऐसी घटना न दोहराने का आश्वासन दिया है।
इस अवसर पर हापुड़ रोड गुरुद्वारा के अध्यक्ष जसविंदर सिंह सनी, तरसेम सिंह सग्गू, अमृतपाल सिंह, शिवप्रीत सिंह, गोल्डी सिंह तथा बलदेव सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने ज़िलाधिकारी महोदय का आभार व्यक्त किया ।
