पत्रकार केवल खबरों तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, आपसी मेलजोल, भाईचारे, सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित में अपने कर्तव्यों का प्रतीक: जिलाध्यक्ष विष्णु सिकरवार
जिलाध्यक्ष ने पत्रकारों के हित में कई मांगें कीं, जैसे – पत्रकारों के लिए आवास, स्वास्थ्य और पेंशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना और पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाना
आगरा:- ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विष्णु सिकरवार ने सभी पत्रकार साथियों से आपसी मेलजोल बनाए रखने और सकारात्मकता को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा, “पत्रकारिता सिर्फ खबरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में प्रेम, भाईचारे, सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित में अपने कर्तव्यों का प्रतीक भी है। पत्रकारिता को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में महत्वपूर्ण माना जाता है। देशहित में, पत्रकारों ने हमेशा 18-18 घंटे निस्वार्थ अपने कर्तव्यों का पालन करके लोकतंत्र की रक्षा की है, आम जनता से जुड़े मुद्दों को उजागर किया है और गरीब, कमजोर, पीड़ित लोगों की समस्याओं को सरकार के सामने रखा है।”
हालांकि, उन्होंने वर्तमान में पत्रकारों पर बढ़ते हमलों, धमकियों और हत्याओं की घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए कहा, “इन घटनाओं ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता को खतरे में डाल दिया है। असामाजिक तत्वों, माफियाओं और आपराधिक संगठनों से पत्रकारों को लगातार धमकियां मिल रही हैं, और कई पत्रकारों की हत्या की घटनाएं भी हो चुकी हैं। इन अत्याचारों और धमकियों ने पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्रता को एक गंभीर मुद्दा बना दिया है।”
विष्णु सिकरवार ने इस दौरान यह भी कहा कि पत्रकार समाज में संवाद, सौहार्द्र और सकारात्मकता का सेतु होते हैं और उन्होंने इस परंपरा को बनाए रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकारिता केवल सूचना देने का कार्य नहीं है, बल्कि यह समाज में प्रेम, भाईचारे, सामाजिक समरसता और एकता का संदेश फैलाने का भी माध्यम है।
साथ ही, उन्होंने पत्रकारों के हितों को लेकर पांच महत्वपूर्ण मांगें उठाईं:
1. वरिष्ठ पत्रकारों के लिए पेंशन योजना लागू की जाए।
2. पत्रकारों पर होने वाले हमलों और हत्याओं को रोकने के लिए पत्रकार सुरक्षा गारंटी अधिनियम लागू किया जाए।
3. पत्रकारों के निधन पर 20 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने के लिए स्थायी नियम बनाए जाएं।
4. पत्रकारों के स्वास्थ्य लाभ हेतु उपचार के लिए धनराशि का तत्काल आवंटन किया जाए।
5. पत्रकारों के परिवारों को सरकारी आवास और स्वास्थ्य योजना में शामिल किया जाए।
उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इन प्रस्तावों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएं। अंत में, विष्णु सिकरवार ने सभी पत्रकारों से आपसी सहयोग बनाए रखने और एकता की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने पत्रकारों के सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं की आवश्यकता पर भी जोर दिया और कहा कि पत्रकारों को एकजुट होकर अपने अधिकारों और भविष्य की रक्षा के लिए संघर्ष करना होगा।
