गोपेश्वर (चमोली)। उत्तराखंड के चमोली जिले में अलकनंदा नदी पर सियासैंण हाट में बन रही विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की सुरंग में भूस्खलन के बाद पानी व मलबा भर जाने के कारण लापता तीन श्रमिकों की 24 घंटे बाद भी खोज जारी थी। उनकी तलाश के लिए पंपों से सुरंग में भरे पानी को निकाला जा रहा था और मशीनों से मलबा हटाने का काम भी जारी था।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने बचाव दलों से आवश्यक जानकारी लेने के साथ सुरंग के अंदर का जायजा भी लिया। अस्पताल में घायलों का हाल जाना।
सीएम ने हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश देने के साथ उन्होंने मृतक आश्रितों को चार-चार लाख रुपये देने की भी घोषणा की। गुरुवार शाम पौने सात बजे के आसपास सुरंग में केविटी की पैकिंग के बाद ग्राउटिंग का कार्य चल रहा था।
इसी दौरान केविटी गिरने से पानी के साथ भारी मलबा सुरंग में भरने लगा। तब पहली शिफ्ट को समाप्त होने में एक घंटा शेष रह गया था और अंदर 28 श्रमिक अंदर काम कर रहे थे। इनमें से सात के शव बरामद हुए हैं, जबकि 12 को रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
