जनपद के कृषक पराली को जलाने की बजाय उसे खेत में ही गला कर खाद के रूप में करें इस्तेमाल

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जनपद के कृषक पराली को जलाने की बजाय उसे खेत में ही गला कर खाद के रूप में करें इस्तेमाल

कृषकों को पराली जलाने से रोकने की सख्त कार्रवाई: 2500 से 15000 रुपए तक का  जुर्माना - GrenoNews

  1. पराली जलाये जाने के दोषी पाए जाने पर कृषक पर लगाया जाएगा 2500 से 15000 रुपए तक का जुर्माना
  2. पराली जलाये जाने पर राजकीय योजनाओं तथा राशन, किसान सम्मान निधि आदि लाभों से वंचित करने की, की जाएगी कार्रवाई

गौतम बुद्ध नगर 22 अक्टूबर, 2024

जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर मनीष कुमार वर्मा के निर्देशों के क्रम में उप कृषि निदेशक गौतम बुद्ध नगर राजीव कुमार ने बताया कि जनपद के कुछ क्षेत्रों में धान काटने की प्रकिया प्रारंभ हो गई है। धान की कटाई के तुरंत बाद ही गेहूं की बुवाई के लिए कुछ किसान पराली को खेतों में ही जला देते हैं, जिससे मित्र कीट नष्ट हो जाते हैं एवं खेत की उर्वरता पर प्रतिकूल प्रभाव पडता है। साथ ही प्रदूषण की समस्या भी उत्पन्न होती है। उन्होंने बताया कि पराली जलाने के दोषी पाए पर संबंधित कृषक पर 2500 से 15000 रुपए तक जुर्माना लग सकता है। पराली जलाने की घटना की निगरानी ग्राम पंचायत स्तर तक गठित सचल दस्तों एवं सेटेलाइट के माध्यम की जा रही है। सेटेलाइट के माध्यम से अग्नि जनित स्थान की भौगोलिक स्थिति अक्षांश व देशांतर सहित दस्तों को प्राप्त होगी, जिनकी रिपोर्ट के आधार पर संबंधित किसानों पर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
उन्होंने बताया कि राजस्व, कृषि, पंचायती राज आदि विभाग को निर्देश जारी किये जा चुके हैं। अतः जिला प्रशासन द्वारा जनपद के कृषकों से अपील की जाती है कि वह पराली को जलाने की बजाय उसे खेत में ही गला कर खाद के रूप में इस्तेमाल करें एवं दंड की कार्यवाही से बचें। पराली जलाने वाले किसानों को अन्य राजकीय योजनाओं तथा राशन, किसान सम्मान निधि आदि के लाभ से वंचित करने की भी कार्यवाही की जाएगी।

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