माघ मेले से राजनीतिक संदेश, अविमुक्तेश्वरानंद बोले—अब सत्ता बदलेगी

उत्तर प्रदेश राज्य

प्रयागराज। जगदगुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने माघ मेला क्षेत्र में “गौ प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा” निकाली। बुधवार को संतों के शिविर में जाकर गोमाता की रक्षा के लिए समर्थन मांगा। भ्रमण के बाद त्रिवेणी मार्ग स्थित शिविर के बाहर बैठकर उन्होंने संतों और श्रद्धाुलओं को संबोधित किया।

कहा, गोमाता सनातन धर्म की प्राण हैं। उनकी हत्या रोकने के लिए कानून बनाने की मांग देश की बहुसंख्यक जनता कर रही है। जब कांग्रेस की सरकार थी तो हमने गोमाता की रक्षा के लिए कानून बनवान के लिए उनसे बात की थी। तब कांग्रेस सरकार ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। कानून न बनने पर जनता ने उन्हें नकार दिया। केंद्र और प्रदेश से उनकी सरकार चली गई।

भाजपा की सरकार बनी तो जनता को आशा थी कि वो गोमाता की रक्षा का कानून बनाकर प्रभावी कदम उठाएंगे, लेकिन मंशा के अनुरूप कुछ नहीं किया गया। अब इनको भी नकारा जाएगा। इनके बाद किसी सनातनी सरकार को सत्ता पर लाकर गो माता की रक्षा के लिए कानून बनवाया जाएगा।

वहीं, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय जगद्गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मिलने उनके शिविर पहुंचे। उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद का आशीर्वाद लेकर कहा कि मौनी अमावस्या पर संतों की पिटाई करना बेहद निंदनीय है। यह संत समाज का अपमान है।

भाजपा सरकार संतों और सनातन धर्मावलंबियों का सम्मान नहीं करती। प्रयाग में संतों काे पीटा जा रहा है। काशी में मंदिर तोड़ रहे हैं। सपा पूरी तरीके से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घटना के दूसरे दिन ही स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से फोन पर बात की थी। उन्होंने भी इस घटना की निंदा की थी।

कहा कि माघ मेले में हुई घटना को विधानसभा में उठाया जाएगा। वहीं, अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा शंकराचार्य लिखने पर प्रयागराज मेला प्राधिकरण की ओर से दी गई नोटिस का जवाब पहले ही दिया जा चुका है। उन्होंने मेला प्रशासन को नोटिस देने के औचित्य पर जवाब मांगा है। उचित जवाब न मिलने पर उनके अधिवक्ता मानहानि का केस करने की तैयारी कर रहे हैं।

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