आदिवासी नायक जयपाल मुंडा और बाबा साहब डा अम्बेडकर का महाड़ तालाब आंदोलन भी किया गया याद …
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भारत के प्रथम स्वाधीनता आंदोलन की महान नायिका अवंती बाई लोधी की शहादत हमें सदियों तक उनके अदम्य वीरता और साहस की गाथा बताती रहेगी,उक्त उद्गार रामपुर कारखाना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत डुमरी स्थित सपा जन संपर्क कार्यालय पर अवंती बाई लोधी के शहादत दिवस,आदिवासी नेता जयपाल सिंह मुंडा के स्मृति दिवस एवं बाबा साहब डा भीम राव आंबेडकर द्वारा अनुसूचित समाज को पानी पीने का अधिकार दिलाने हेतु किए गए महाड़ तालाब आंदोलन की याद में आयोजित गोष्ठी में व्यक्त करते हुए सपा के पूर्व प्रवक्ता चंद्रभूषण सिंह यादव ने कहा कि अवंती बाई लोधी मध्यप्रदेश के रामगढ़ (डिंडोरी) की रानी थीं जिन्होंने अंग्रेजो से लड़ते हुए अपनी शहादत दी थी।
सपा के पूर्व प्रवक्ता चंद्रभूषण सिंह यादव ने आदिवासी नेता जयपाल सिंह मुंडा को उनके स्मृति दिवस पर याद करते हुए कहा कि 1928 में भारत को हाकी का प्रथम स्वर्ण पदक दिलाने वाले जयपाल सिंह मुंडा एक योग्य राजनेता,पत्रकार, खिलाड़ी , संविधान सभा के सदस्य थे जिन्होंने आदिवासी समाज की उन्नति हेतु सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया था।
1927 में 20 मार्च को देश के अछूतों को पानी पीने का अधिकार दिलाने हेतु बाबा साहब डा अम्बेडकर के महाड़ तालाब आंदोलन को याद करते हुए सपा के पूर्व प्रवक्ता चंद्रभूषण सिंह यादव ने कहा कि बाबा साहब डा अम्बेडकर ने इस देश में समता स्थापित करने हेतु जो त्याग और बलिदान दिया है वह अतुलनीय है।
उक्त अवसर पर उपस्थित सुरेश नारायण सिंह यादव, रामप्यारे यादव, दयानंद यादव, अभिषेक गुड्डू गोंड, शंकर गोंड, नारायण प्रसाद, लोरिक प्रसाद, मिथिला वर्मा, अशोक यादव, व्यास यादव, गोविंद यादव, अयोध्या वर्मा, नाजिर अंसारी, संजय यादव, मोतीलाल सिंह आदि ने अवंती बाई लोधी, जयपाल सिंह मुंडा एवं बाबा साहब डा अम्बेडकर को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित किया।
