नोएड़ा:-आबकारी विभाग चाहे कितना ही दावा करे कि शराब के ठेकों पर ग्राहकों से ओवर रेट नहीं वसूला जा रहा है, लेकिन हकीकत इसके उलट है। गौतम बुद्ध नगर में शायद ही कोई ऐसा ठेका होगा, जहां पर मौका देखते ही शराब ओवर रेट न बेची जा रही हो।शराब की दुकानों के इंचार्ज सेल्समेनों से निर्धारित दाम से अधिक कीमतों पर शराब की कालाबजारी करा रहे हैं ,जिम्मेदार पूरी तरह से मौन बैठे हुए हैं ।
जानकारी के अनुसार , गौतम बुद्ध नगर में शराब की दुकानों के इंचार्जों का आतंक चरम सीमा पर है वह लगातार सेल्समैनों से शराब को ओवर रेट सेल करवा रहे हैं। सेल्समैनों द्वारा ओवर रेट जो शराब बेची जाती है उसमें इंचार्ज की महीनेदारी तय होती है ।इंचार्ज, सेल्समेनों से महीनेदारी वसूलता है ।बताया यह भी जा रहा है कि कुछ सेल्समेन अभी इंचार्ज बने है।वह शराब को निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्यों पर सेल करा रहे हैं।इंचार्ज एंव सेल्समेनों का यह खेल काफी समय से नोएड़ा में चलता हुआ आ रहा है ।कई बार ओवर रेट को लेकर सेल्समैन एंव ग्राहकों का झगड़ा होता हुआ दिखाई देता है ।ग्राहक द्वारा आबकारी विभाग से शिकायत भी की जाती है लेकिन फिर भी शराब ओवर रेट बेच रहे सेल्समेनों व इंचार्ज पर कोई कार्यवाही नहीं होती है ।

शराब की दुकानों के इंचार्जों के संरक्षण में खूब फल फूल रहे हैं तथाकथित पत्रकार
नोएड़ा में शराब की दुकानों के इंचार्जों के संरक्षण में खुलेआम शराब को ओवर रेट पर बेचा रहा है ।इंचार्ज सेल्समैनों से हिस्सेदारी एंव महीनेदारी लेता है ।सबसे बड़ी दिलचस्प बात यह है कि इन भ्रष्ट इंचार्जों के कारण दलाल किस्म के पत्रकार भी नोएड़ा में खूब फल फूल रहे हैं ।इंचार्ज दलाल किस्म के तथाकथित पत्रकारों से अपनी ही दुकान की ओवर रेट शराब बेच रहे सेल्समेनों की वीडियो बनबाते है और फिर उनको तथाकथित पत्रकारों से एक्स (ट्वीट) कराते हैं ।इसके बाद पत्रकार से फैसला करने के लिए अपनी हिस्सेदारी जोड़ लेते हैं और फिर वीडियो डिलीट कराने के स्वंय दलाल किस्म के पत्रकारों को पैसा देते हैं और फिर बाद में अपना हिस्सा ले लेते हैं ।नोएड़ा में लगातार शराब की दुकानों के एक्स(ट्वीट) हो रहे हैं और लगातार डिलीट भी हो रहे हैं ।यह सब खेल शराब की दुकानों के इंचार्जों का है जो हर तरफ से अपना हिस्सा ले रहे ।शराब की दुकानों के इंचार्जों के कारनामों पर अंकुश लगना बेहद जरूरी है ।इन पर अंकुश लग गया तो शराब की ओवर रेटिंग भी बहुत कम हो जाएगी और दलाल किस्म के पत्रकार भी ठंडे पड़ जाएंगे ।
अब देखने वाली बात यह होगी कि कब तक इन शराब की दुकानों के इंचार्जों पर कार्यवाही होती है ,यह तो आने वाला समय ही बताएगा ।
